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Saturday, December 11, 2021

ना कजरे की धार - Na Kajre Ki Dhar (Pankaj Udhas, Sadhana Sargam, Mohra)Movie/Album: मोहरा (1994)Music By: विजू शाहLyrics By: इन्दीवरPerformed By: साधना सरगम, पंकज उदास

ना कजरे की धार
ना मोतियों के हार
ना कोई किया सिंगार
फिर भी कितनी सुंदर हो
तुम कितनी सुन्दर हो

मन में प्यार भरा
और तन में प्यार भरा
जीवन में प्यार भरा
तुम तो मेरे प्रियवर हो
तुम्हीं तो मेरे प्रियवर हो

सिंगार तेरा यौवन, यौवन ही तेरा गहना
तू ताज़गी फूलों की, क्या सादगी का कहना
उड़े खुशबू जब चले तू, बोले तो बजे सितार
ना कजरे की धार...

सारी दुनियाँ हरजाई, तेरे प्यार में हैं सच्चाई
इसलिए छोड़ के दुनिया, तेरी ओर खींची चली आई
थी पत्थर, तूने छूकर, सोना कर दिया खरा
मन में प्यार भरा...

तेरा अंग सच्चा सोना, मुस्कान सच्चे मोती
तेरे होंठ हैं मधुशाला, तू रूप की है ज्योति
तेरी सूरत, जैसे मूरत, मैं देखू बार-बार
ना कजरे की धार...

Sunday, December 5, 2021

तू नज़्म-नज़्म सा मेरेहोंठो पे ठहर जा (बरेली की बर्फी)

तू नज़्म-नज़्म सा मेरे
होंठो पे ठहर जा
मैं ख्वाब ख्वाब सा तेरी
आँखों में जागूँ रे
तू इश्क-इश्क सा मेरे
रूह में आ के बस जा
जिस ओर तेरी शहनाई
उस ओर मैं भागूँ रे

हाथ थाम ले पिया, करते हैं वादा
अब से तू आरज़ू, तू ही है इरादा
मेरा नाम ले पिया, मैं तेरी रुबाई
तेरे ही तो पीछे-पीछे बरसात आई
तू इत्र-इत्र सा मेरे
साँसों में बिखर जा
मैं फ़कीर तेरे कुर्बत का
तुझसे तू मांगू रे
तू इश्क-इश्क सा...

मेरे दिल के लिफाफे में
तेरा ख़त है जाणिया, तेरा ख़त है जाणिया
नाचीज़ ने कैसे पा ली, क़िस्मत ये जाणिया वे
तू नज़्म-नज़्म सा...

हीर नी मेरिये, हीर नी मेरिये
तुझको ही मैं चाहूँ
कोशिशाँ मैं करिए
तुझको भूल ना पाऊँ

ओ करम खुदाया हैतुझे मुझसे मिलाया है



ओ करम खुदाया है
तुझे मुझसे मिलाया है
तुझपे मरके ही तो
मुझे जीना आया है
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
तू रात दीवानी
मैं ज़र्द सितारा
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
मैं तेरा हो जाऊं
जो तू करदे ईशारा

कहीं किसी भी गली में जाऊं मैं
तेरी खुशबू से टकराऊं मैं
हर रात जो आता है मुझे
वो ख्वाब तू..
तेरा मेरा मिलना दस्तूर है
तेरे होने से मुझमे नूर है
मैं हूँ सूना सा एक आसमान
महताब तू..

ओ करम खुदाया है
तुझे मैंने जो पाया है
तुझपे मरके ही तो
मुझे जीना आया है
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
तू रात दीवानी
मैं ज़र्द सितारा
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
तेरे बिन अब तो
ना जीना गवारा

मैंने छोड़े हैं बाकि सारे रास्ते
बस आया हूँ तेरे पास रे
मेरी आँखों में तेरा नाम है
पहचान ले..
सब कुछ मेरे लिए तेरे बाद है
सौ बातों की इक बात है
मैं न जाऊंगा कभी तुझे छोड़ के
ये जान ले

ओ करम खुदाया है
तेरा प्यार जो पाया है
तुझपे मरके ही तो
मुझे जीना आया है
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
तू रात दीवानी
मैं ज़र्द सितारा
ओ तेरे संग यारा
ख़ुश रंग बहारा
मैं बहता मुसाफ़िर
तू ठहरा किनारा

ऐ मेरे हमसफ़र, एक ज़रा इन्तज़ारसुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की

ऐ मेरे हमसफ़र, एक ज़रा इन्तज़ार
सुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की
ऐ मेरे हमसफर, एक ज़रा इन्तजार
सुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की

अब है जुदाई का मौसम
दो पल का मेहमां
कैसे ना जाएगा अंधेरा
क्यूँ ना थमेगा तूफां

अब है जुदाई का मौसम
दो पल का मेहमां
कैसे ना जाएगा अंधेरा
क्यूँ ना थमेगा तूफां

कैसे ना मिलेगी, मंजिल प्यार की
ऐ मेरे हमसफर, एक ज़रा इन्तजार
सुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की

प्यार ने जहाँ पे रखा है
झूम के कदम इक बार
वहीं से खुला है कोई रस्ता
वहीं से गिरी है दीवार

प्यार ने जहाँ पे रखा है
झूम के कदम इक बार
वहीं से खुला है कोई रस्ता
वहीं से गिरी है दीवार

रोके कब रुकी है, मंजिल प्यार की
ऐ मेरे हमसफर, एक ज़रा इन्तजार
सुन सदाएं, दे रही हैं, मंज़िल प्यार की

Monday, August 30, 2021

ये कहाँ आ गए हम, यूँ ही साथ साथ चलतेतेरी बाहों में ऐ जानम, मेरे जिस्म-ओ-जां पिघलते

मैं और मेरी तनहाई, अक्सर ये बातें करते हैं
तुम होती तो कैसा होता
तुम ये कहती, तुम वो कहती
तुम इस बात पे हैरां होती
तुम उस बात पे कितना हँसती
तुम होती तो ऐसा होता, तुम होती तो वैसा होता
मैं और मेरी तनहाई, अक्सर ये बातें करते हैं

ये कहाँ आ गए हम, यूँ ही साथ साथ चलते
तेरी बाहों में ऐ जानम, मेरे जिस्म-ओ-जां पिघलते

ये रात है या, तुम्हारी ज़ुल्फें खुली हुई है
है चांदनी या तुम्हारी नज़रों से मेरी रातें धुली हुई है
ये चाँद है या तुम्हारा कंगन
सितारें है या तुम्हारा आँचल
हवा का झौंका है, या तुम्हारे बदन की खुशबू
ये पत्तियों की है सरसराहट
के तुमने चुपके से कुछ कहा है
ये सोचता हूँ, मैं कब से गुमसुम
के जब के, मुझको को भी ये खबर है
के तुम नहीं हो, कही नहीं हो
मगर ये दिल है के कह रहा है
तुम यहीं हो, यहीं कहीं हो

तू बदन है, मैं हूँ छाया, तू ना हो तो मैं कहाँ हूँ
मुझे प्यार करनेवाले, तू जहाँ है मैं वहाँ हूँ
हमें मिलना ही था हमदम, किसी राह भी निकलते

मेरी सांस सांस महके, कोई भीना भीना चन्दन
तेरा प्यार चांदनी है, मेरा दिल है जैसे आँगन
हुई और भी मुलायम, मेरी शाम ढलते ढलते

मजबूर ये हालात, इधर भी है, उधर भी
तनहाई की एक रात, इधर भी है, उधर भी
कहने को बहुत कुछ है, मगर किससे कहें हम
कब तक यूँ ही खामोश रहे हम और सहे हम
दिल कहता है दुनिया की हर इक रस्म उठा दें
दीवार जो हम दोनों में है, आज गिरा दें
क्यों दिल में सुलगते रहे, लोगों को बता दें
हाँ हमको मोहब्बत है, मोहब्बत है, मोहब्बत
अब दिल में यही बात, इधर भी है, उधर भी

Friday, August 20, 2021

किसी राह में, किसी मोड़ परकहीं चल न देना तू छोड़ कर

किसी राह में - Kisi Raah Mein (Lata Mangeshkar, Mukesh, Mere Humsafar)

Movie/Album: मेरे हमसफ़र (1970)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर, मुकेश

किसी राह में, किसी मोड़ पर
कहीं चल न देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफ़र
किसी हाल में, किसी बात पर
कहीं चल न देना तू छोड़ कर
मेरे हमसफ़र, मेरे हमसफ़र

मेरा दिल कहे कहीं ये न हो
नहीं ये न हो
किसी रोज़ तुझसे बिछड़ के मैं
तुझे ढूँढती फिरूँ दर-ब-दर
मेरे हमसफ़र...

तेरा रंग साया बहार का
तेरा रूप आईना प्यार का
तुझे आ नज़र में छुपा लूँ मैं
तुझे लग न जाए कहीं नज़र
मेरे हमसफ़र...

तेरा साथ है तो है ज़िन्दगी
तेरा प्यार है तो है रोशनी
कहाँ दिन ये ढल जाए क्या पता
कहाँ रात हो जाए क्या ख़बर
मेरे हमसफ़र...

Sunday, August 8, 2021

तेरे होठों के दो फूल प्यारे प्यारे

तेरे होंठों के दो फूल प्यारे प्यारे
मेरे प्यार की बहारों के नज़ारे
अब मुझे चमन से क्या लेना, क्या लेना
तेरी आँखों के दो तारे प्यारे प्यारे
मेरी रातों के चमकते सितारे
अब मुझे गगन से क्या लेना, क्या लेना
तेरी काया कंचन कंचन, किरणों का है जिसमें बसेरा
तेरी साँसें महकी महकी, तेरी ज़ुल्फों में खुशबू का डेरा
तेरा महके अंग अंग, जैसे सोने में सुगंध
मुझे चंदनबन से क्या लेना, क्या लेना
मैने देखा जबसे तुझको मेरे सपने हुये सिंदूरी
तुझे पा के मेरे जीवनधन, हर कमी हुई मेरी पूरी
पिया एक तेरा प्यार, मेरे सोलह सिंगार
मुझे अब दर्पन से क्या लेना, क्या लेना
तेरा मुखड़ा दमके चमके, जैसे सागर पे चमके सवेरा
तेरी बाँहें प्यार के झूले, तेरी बाँहों में झूले मन मेरा
तेरी मीठी हर बात, रस की है बरसात
हमें अब सावन से क्या लेना, क्या लेना
हमें क्या लेना, क्या लेना